Diwali Pooja Vidhi की कुछ बाते जो हम अक्सर भूल जाते है

Diwali Pooja Vidhi – कार्तिक मॉस की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दुओ का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार दिवाली है। इस वर्ष 2018 में यह 7 नवम्बर 2018 दिन बुद्धवार को मनाया जायेगा। मान्यता यह है की इसी दिन भगवान श्री राम लंकाधिपति रावण का वध करके अयोध्या वापस आये थे। चूँकि अमावस्या की रात्रि बहुत ही अँधेरी होती है तो इस दिन हम सभी रात्रि में दीपक जला कर पूजा करते है क्यूंकि दिवाली की पूजा शाम में सूर्यास्त के बाद में ही करना शुभ माना गया है तो आइये दिवाली पूजा विधि की विस्तृत जानकारी बताते है।

धनतेरस पर करें दीपदान दूर होगा अकाल मृत्यु का भय

मृत्यु का भय संसार में सबसे बड़ा भय माना जाता है। हालांकि यह एक सत्य है कि जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है अटल है। लेकिन बहुत सारी मौतें अकाल ही हो जाती हैं। 

Diwali Pooja vidhi के लिए प्रयुक्त सामग्री

Diwali Pooja Vidhi के लिए प्रयुक्त सामग्री कुछ इस प्रकार है| जैसे-रोली, चावल, पान-सामग्री, लौंग, इलायची, गुड़, धूप, कपूर, घी या तेल के लिए दीपक, कलावा, पंचामृत, नारियल, गंगाजल,  फल, फूल, मिठाई, दूर्वा, चन्दन, मेवे, खील, बताशे, चौकी, कलश, फूलों की माला, शंख, लक्ष्मी गणेश की मूर्ति, थाली, चांदी का सिक्का, 11 मिटटी के दिये, इत्यादि वस्तुएं दीवाली पूजन की विधि के लिए आवश्यक है| उपर्युक्त सामग्री पूजा से पहले उपलब्ध करा लेनी चाहिए|

दिवाली पूजा विधि

Diwali Pooja vidhi

सबसे पहले तो हमें पुरे घर की सफाई कर लेनी चाहिए | दिवाली के दिन, शाम को जिस व्यक्ति को पूजा करनी हो उसे शाम को स्नान करके पूजा के लिए तैयार हो जाना चाहिए और अगर संभव हो तो दिन में भोजन नहीं करना चाहिए उस दिन पूजा के समय तक उपवास रख लेना सर्वोत्तम है| शाम को पूजा के समय चौकी को पानी से धुलकर उस पर रोली से स्वस्तिक का चिन्ह बना लेना चाहिए और उस पर चावल रख कर गणेश लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए| मूर्तियों के सामने जल से भरा हुआ कलश और उस पर नारियल रखना चाहिए और उस नारियल में कलावा बाँध देना चाहिए| इसके बाद मूर्तियों के सामने बैठकर कलश से जल लेकर मूर्तियों, घर के सदस्यों और पुरे घर में छिड़क देना चाहिए| तत्पश्चात प्रसाद के लिए बाकी सामग्री जैसे मिठाई, खील, बताशे इत्यादि का भोग लगा कर गणेश और लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए| और तत्पश्चात विष्णुजी, कुबेर जी, सरस्वती और अन्य देवी देवताओं की पूजा करनी चाहिये| पूजा से पहले सभी दीपक जला लेना चाहिए और पुरे घर को रौशनी से सुसज्जित कर देना चाहिए| घर के मुख्य द्वार पर एक बड़े से दिए को जला कर रख देना चाहिए|

Diwali Pooja vidhi का सही मुहूर्त

दीपावली की पूजा शाम के समय में होती है| उससे पहले छोटी दीपावली की पूजा दीपावली के सुबह में 3-4 बजे के बीच में होती है|

  • लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम में 5:57 PM से लेकर 7:53 PM तक सर्वोत्तम है|
  • रात्रि पूजा का सही समय मध्य रात्रि में 11:38 PM से 12:31 AM तक सर्वोत्तम है|

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