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मंत्र का जाप 108 बार करना बेहद शुभ क्यों माना गया हैं?

108 यह वह अंक है जिसको आप कई बार दिनचर्या में सुनते होंगे। हिन्दू धर्म में इस शुभ अंक को बड़ी श्रद्धा समेत इस्तमाल किया जाता है तथा पूजा के वक्त हाथ मे जप के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला माला में भी 108 दाना होता है, इसीलिए यह कहा जाता है कि किसी भी […]

काले घोड़े की नाल के अचूक उपाय

भगवान इस सृष्टि के रचनाकार हैं, जिन्होंने इस दुनिया को बनाया और वही हैं जिसके इशारे से ही यह दुनिया ताश के पत्तों के समान कभी भी गिर सकती है। भगवान ने इस दुनिया के साथ साथ इंसान एवं अन्य जीव जंतुओं को जन्म दिया, परन्तु जो नहीं दे पाए वह है भय से मुक्ति। […]

क्या होता है पंचक, इसे क्यों माना जाता है अशुभ

ईश्वर हर व्यक्ति को धरती पर जन्म लेने से पहले कुछ कार्य सौंपते हैं जिज़ उस व्यक्ति को अपने समय काल अर्थात जीवन और म्रत्यु के बीच पूर्ण करने होते हैं। यह कार्य किसी भी रूप में हो सकते हैं। इंसान हर कार्य में सफलता चाहता है, इसी मुताबिक उस कार्य के प्रति मेहनत भी […]

कछुए की अंगूठी धारण करने का क्या है महत्व

भगवान की मौजूदगी हर जीव जंतुओं में सम्मिलित हैं केवल व्यक्ति को उसे अपने कर्म की दृष्टि से पहचानना होता है। यह सम्मुच दुनिया त्रिदेव (जिनमें ब्रह्मा जी, भगवान विष्णु एवं महाकाल शिव) की रचना है। भगवान विष्णु द्वारा लिए गए समय समय पर कुल दशावतार यह साबित करते हैं कि ईश्वर हर मनुष्य के […]

सपने में धार्मिक स्थल देखने का क्या अर्थ होता है

हिन्दू धर्म में यह मान्यता है कि हर व्यक्ति को धरती पर अपने कर्म अनुसार मृत्यु पश्चात जगह मिलती है अर्थात जो व्यक्ति धरती पर अच्छे कार्य करता है उसे स्वर्ग तथा जो बुरा कार्य के लिए प्रचलित है उसे नरक। यह स्वर्ग असलियत में कैसा होता है किसी को नहीं मालूम परन्तु जो भी […]

मोती रत्न का प्रभाव और धारण करने की विधि

इस संसार में अनगिनत रहस्य छुपे हुए हैं, जिसकी खोज में प्रत्येक व्यक्ति अपने समय अनुसार लगा हुआ है। इसी संसार के अद्भुत अनगिनत रहस्यों में से रत्नों का संसार भी है। रत्नों का भी अनोखा संसार है जिसकी खुद की भी हैरान करने वाली दुनिया है। इस रत्न से जुड़े कई रहस्य हैं जिसको […]

रत्न और स्वास्थ्य | किस बीमारी में कौन सा रत्न पहने

रत्न प्रकृति प्रदत्त एक मूल्यवान निधि है। यह अपनी सुंदरता के कारण लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है हालांकि कई लोग रत्न को केवल दिखावे के लिए इस्तेमाल में लाते हैं । परन्तु अगर जातक अपने कुंडली के मुताबिक ही सही रत्न को चयनित करेंगे तो वह अपने कुंडली दोष से मुक्त होंगे ही […]

माणिक्य रत्न धारण करने की विधि और महत्व

पृथ्वी जो कि सौर मंडल का ग्रह है । इसी पर 195 देश हैं और सभी देशों का राज सिहांसन राजा के पास है जो अपने देश में कानून और उस देश की आर्थिक स्थिति को देखता है और उसमें समय समय पर सुधार करता है । वैसे ही सप्ताह के सात दिन का राजा […]

मूंगा रत्न धारण करने की विधि और महत्व

व्यक्ति अपने जीवन यात्रा में कुछ कार्य करने के लिए बाधित होता है, चाहे वह उस व्यक्ति के पसंद का हो या ना पसंद का हो। सभी भिन्न व्यक्तियों के कार्य भिन्न हो सकते हैं परन्तु सब यही चाहते हैं कि वह जो भी कार्य करें उसमें वह सफलता हासिल करें, उसका हर कार्य मंगलमय […]

12 ज्योतिर्लिंग कहा कहा स्थित हैं और उनके नाम

भगवान शिव जिन्हें श्रिष्टि के विनाशक रूप में स्थापित किया गया है। यह इस धरती पर जन्में हर जीव का परम सत्य है कि जो यहाँ पैदा हुआ उसका एक न एक दिन मृत्यु निश्चित है , ताकि संसार की नए तरह से संचार हो सके। त्रिदेव जिनमे ब्रह्मा जी दूसरे विष्णु भगवान एवं तीसरे […]

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