सात मुखी रुद्राक्ष

7 Mukhi Rudraksha धारण करने की विधि और महत्व

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शिव जी जिन्हें भोलेनाथ नाम से भी जाना जाता है। यह अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं, तभी हर भक्त इनकी कृपा प्राप्त करने हेतु हर सोमवार कठोर तप करता है। महादेव को प्रसन्न करना बेहद आसान माना गया हालांकि कई भक्त इनके भोलेपन का फायदा उठा रहे हैं, वह भोलेनाथ के शुभ शिवरात्रि पर नशीला पदार्थ जैसे कि भांग का सेवन करते हैं यह कहकर की शिव को प्रिय है।

हमारे पूर्वजों द्वारा यह कई  बार कहा गया है कि शिव एवं सभी भगवान आपके आसपास या आप ही के भीतर मौजूद होते हैं परन्तु उन्हें देखने के लिए आपको अपने भीतर की हर ईर्ष्या को मिटाकर देखना चाहिए तभी आपको शिव दिखेंगे।

मान्यता अनुसार यह भी कहा जाता है कि शिव जी रुद्राक्ष में वास करते हैं। वैसे तो रुद्राक्ष के कई प्रकार होते हैं उन्ही में से 7 Mukhi Rudraksha के बारे में आप यहां पढ़ेंगे।

7 Mukhi Rudraksha

7 मुखी रुद्राक्ष का बहुत महत्व माना गया है, इसमें शिव जी तो वास करते हैं ही तथा इसमें महालक्ष्मी जी का भी स्वरूप है। महाशिव पुराण में कहा गया है की इस रुद्राक्ष को धारण करने वाले जातक के ऊपर शनि ग्रह की शुभ दृष्टि तथा विशेष कृपा बनी रहती है। धन सम्बंधित दिक्कतों को यह रुद्राक्ष शीघ्र ही दूर करता है। सात मुखी रुद्राक्ष धन की स्थिति को मजबूत करने का कार्य करता है।

एक मुखी रूद्राक्ष|महत्व|लाभ|धारण करने की विधि

पहाड़ी इलाकों पर पाए जाने वाले, खास पेड़ के बीज, जिसे रूद्राक्ष कहकर भी संबोधित किया जाता है। हालांकि अब इसकी उपस्थित भारत में विलुप्त होने के कगार पर हैं, जिसका कारण है इसका रेलवे की पटरी पर होता रूद्राक्ष का उपयोग।

7 Mukhi Rudraksha का धार्मिक महत्व

व्यक्ति अपने जीवन में कठोर मेहनत करता है ताकि उस कार्य के मदद से वह अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सके। धन की देवी लक्ष्मी माँ का स्वरूप माना जाने वाला सात मुखी रुद्राक्ष धारण करके श्रद्धालुओं में आर्थिक शक्ति का आगाज होता है। अर्थात इस रुद्राक्ष के मात्र धारण करने से आपके घर मे चल रहे धन से सम्बंधित कोई भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सात मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन में धन का अन्धकार दूर कर उसमे धन का प्रकाश भरता है। यह अचूक धन प्राप्ति के लिए उत्तम माना गया है। इसके धारण करने से जातक कर्जमुक्त और करियर में ग्रोथ करता है।

7 Mukhi Rudraksha धारण का ज्योतिषी कारण

अगर आपके मन में यह प्रशन उतपन्न हो रहा है कि आपको सात मुखी रूद्राक्ष धारण करना चाहिए या नहीं तो इसके लिए आपको ज्योतिषी से अपनी कुंडली की जानकारी लेनी होगी। अगर आपके कुंडली मे शनि कमजोर हो अथवा अस्त हो तो सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सात मुखी रुद्राक्ष का स्वामी शनि है। इसी कारण सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद जातक को धन, वैभव, सफलता की प्राप्ति होती है। इसे धारण करने के बाद व्यक्ति की धन की स्थिति बेहतर होती है तथा व्यक्ति ऐशोआराम से व्यतीत करता है। शनि ग्रह का आशीर्वाद उसको वैभवशाली जीवन जीने के लिए मदद करता है। मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सात मुखी रुद्राक्ष बहुत ही लाभकारी होता है।

7 मुखी रुद्राक्ष के लाभ

7 Mukhi Rudraksha में साक्षात माँ लक्ष्मी का वास होता है, यानी इसे धारण करने से जातक को कभी धन की कोई समस्य नहीं होगी। महालक्ष्मी के आशीर्वाद और शनि देव की सहायता से धारण कर्ता का जीवन धन-धान्य से भर जाता है। कर्ज की स्थिति से छुटकारा मिलता है। इस रुद्राक्ष के प्रभाव से अचानक धन की प्राप्ति होती है। धन आने के स्रोत उत्पन्न हो जाते है। जिन लोगों की आर्थिक स्थिति मंदी है, बार बार कर्ज की स्थिति का सामना करना पड़ता है, ऐसे लोगों को 7 Mukhi Rudraksha अवश्य धारण करना चाहिए तथा अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करनी चाहिए। यह अचूक धन प्राप्ति के लिए उत्तम माना गया है। जो जातक धन की कमी का सामना कर रहे है, उनके लिए माँ लक्ष्मी स्वरुप 7 Mukhi Rudraksha किसी वरदान से कम नहीं है।

7 Mukhi Rudraksha उन व्यक्तियों के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है जिसकी जीवन में उनका भाग्य साथ नहीं देता। व्यापार-व्यवसाय, कामकाज आदि में रूकावटे उत्पन्न करता है, अधिक लाभ नहीं होता है ऐसे जातकों के लिए सात मुखी रुद्राक्ष अवश्य ही धारण करना चाहिए क्योंकि इस रुद्राक्ष के प्रभाव से जातक का भाग्योदय होता है। कामकाज में आनेवाली सभी प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है। गरीबी दूर होती है तथा जीवन में धन-सम्पदा, यश, मान-सम्मान की प्राप्ति होती है, इस रुद्राक्ष में माँ लक्ष्मी का वास होता है जो व्यक्ति का भाग्योदय कराता है। भाग्योदय के बाद जातक के जीवन में कभी भी दरिद्रता या दुःख उत्पन्न नहीं होते।

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