कुंडली में संतान योग

Kundali me Santan Yog | कुंडली में संतान योग कब होता हैं?

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जीवन मे हर शादी शुदा इंसान अपने हाथ में अपनी संतान का वह मुख देखना चाहता है जो उन्हें जिंदगी की हर खुशी का कारण बने, उन्हें माता पिता होने पर गर्व महसूस कर सकें। माता – पिता होना जिंदगी में सबसे अनमोल वक्त होता है। जब कोई आपको अपनी प्यारी सी तोतली आवाज में माँ कहे तो आप अपना पूरा दर्द भूल जाते हैं। परन्तु यह सुख हर माँ नहीं भोग पाती। इसके चिकित्सक भाषा मे काफी कारण होते हैं जो समाज मे मायने भी होते हैं, परन्तु कई इसका कारण कुंडली मे बन रहें बुरे योग को भी बताते हैं। पूरे घर मे सिर्फ बच्चे की किलकारियां भी एक छोटे परिवार को भरा भरा दिखाता और संतान न होना चुभता है।

जाने किसके Kundali me Santan Yog

ज्योतिषों के माने तो जब शुभ ग्रहों की नजर पंचम में पड़े तो उसे संतान सुख का संकेत माना जाता है। जब श्रोताओं के कुंडली मे शुक्र का स्थान अच्छा होता है तो वह सन्तान सुख की ओर आग्रसर होता है। ब्रहस्पति का शुभ होना आपकी होने वाली सन्तान के स्वास्थ्य अच्छे रहने की ओर संकेत देता है। लग्नेश एवं पंचमेश का संबंध भी संतानोत्पत्ति के लिये अच्छा योग बनाता है। बृहस्पति का लग्न में या भाग्य में या एकादश में बैठना और महादशा में चलना भी संतान उत्पति का प्रबल योग बनाता है। आप को संतान सुख पाने हेतु कोई चिंतन हैं तो आपको नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य के साथ अपनी कुंडली का अध्धयन विद्वान ज्योतिष द्वारा कराए जाने में समझदारी है। आपके गर्भ में पलता वह नवजात शिशु का आपके खान पान से सीधा तालुक्कत होता है , तो आपको अपने स्वंय के स्वास्थ्य का ख्याल जरूर रखना चाहिए क्योंकि यह आपके साथ वह शिशु की जिंदगी का सवाल है।

Vivah Yog in Kundli | कुंडली में विवाह योग कब होता हैं?

विवाह यानि गृहस्थ जीवन की एक नई शुरुआत। विवाहोपरांत व्यक्ति सिर्फ व्यक्ति न रहकर परिवार हो जाता है एवं सामाजिक रुप से जिम्मेदार भी।

कुंडली मे बनते बुरे प्रभाव जो संतान सुख से दूर रखें।

ज्योतिषों का मानना है कि यदि Kundali me Santan Yog सुख मिलता है तो वहीं अगर उसी योग में पाप ग्रहों की नजर जाए तो वह दुष्ट प्रभाव विकसित करती है। जो संतान सुख में विघ्न पैदा करती है। यह लिखने में भी थोड़ा डर सा लगता है किंतु कहा गया है अगर आपकी कुंडली राहु केतु की दृष्टि हो तो वह संतान को म्रत्यु योग भी बनता हुआ दिखता है।

यह युग इंसान को अंदर तक झक जोड़ देता है , इंसान के सोचने की शक्ति कम हो जा सकती है और वह अपने आप पर काबू नहीं रख पाता। इंसान के जीवन संतान की अहमियत बहुत होती है , वह अपने सपने भी उन संतान की नजरों से देखता है।

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2 thoughts on “Kundali me Santan Yog | कुंडली में संतान योग कब होता हैं?

    1. I am Brototi Mondal,my DOB is 25/02/1984 and time 08.05am and my husband name is Sandipan Mondal,his DOB is 01/11/1989 ,time 11.45 . Both are born in Kolkata. We want to know when we have a child. When I will pregnant. Plz help us. Thankful to you.

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