मूंगा रत्न

मूंगा रत्न – मंगल की पीड़ा को हर लेता है मूंगा

शेयर करें

‘आपका कार्य मंगलमय हो’ इसमें मंगल का शब्द शुभ के लिए प्रयोग हुआ है। अर्थात किसी भी परिस्थिति में मंगल शब्द का इस्तेमाल शुभ के लिए ही होता है परन्तु अगर यह शब्द मंगल, मंगलग्रह के संदर्भ में जुड़ जाता है तो इसे नकारत्मक दृष्टि से भी देखा जाने लगता है। कहा जाता है कि अगर कुंडली मे मांगलिक दोष का अंश प्राप्त होता है तो उस व्यक्ति को जीवन काल में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परन्तु ईश्वर किसी भक्त का इतना बुरा परीक्षा नहीं लेते अगर उन्होंने हमारी कुंडली मे मांगलिक दोष का कष्ट लिखा है तो उसी का हल भी हमारे समीप होता है जिसके लिए जातक को ज्योतिष की मदद लेनी चाहिए। जिस प्रकार कस्तूरी की खोज में मृग दर दर भटकता है परन्तु यह नहीं जानता कि यह कस्तूरी उसी के नाभि में मिलता है। समाधान जानने के लिए सुझाए गए उपायों में ज्योतिष मूंगा रत्न को धारण करने का भी आदेश देते हैं। मूंगा रत्न यह मंगल की पीड़ा को कम करने का कार्य करता है। परंतु बिना ध्यान रखें अगर इसका इस्तेमाल करेंगे तो इसके उलट प्रभाव भी देखने को मिलते हैं।

मूंगा रत्न क्या है ? कैसे करे मूंगे की पहचान

मूंगा रत्न समुंदर में पाई जाती है , जिसे हम एक प्रकार की वनस्ति भी कहते हैं। लतामणि  भी इसी मूंगा रत्न को ही कहा जाता था। यह रत्न मंगल के दोष को कम करने हेतु लगाया जाता । परन्तु यह भी कहा गया है इस रत्न को सब को नहीं पहनना चाहिए। वर्तमान में मूंगा रत्न की पहनावे में काफी उछाल देखा गया है ज्यादातर व्यक्ति इसके ताकत के लिए नहीं बल्कि इसे फैशन के तर्ज पर इस्तेमाल करते हैं तभी इस रत्न के बाजार में नकली रत्न भी मिलने लग गए। इस नकली रत्न को भी इतने उच्चतम ढंग से बनाया जाता है कि बड़े से बड़ा ज्ञानी भी असली नकली पहचानने में भूल हो जाए। चोर जब चोरी करता है तो कुछ निशानी छोड़ ही देता है। ठीक इसी तरह नकली रत्न में भी कुछ ऐसा अंश होता है जिससे हम असली और नकली में भेद कर सके।

1. मूंगा रत्न बहुत ही चिकना होता है। इस पर पानी नहीं ठहरता इसलिये एक तरीका तो यह हो सकता है कि रत्न लेकर उस पर पानी की कुछ बूंदे डालें यदि पानी इस पर ठहरता है तो समझिये यह नकली है यदि पानी नहीं ठहरता तो मूंगा सही हो सकता है।

2. मैग्निफाइंग ग्लास से मूंगे का अवलोकन करें, ध्यान से देखने पर उसमें बिल्कुल बाल के जितनी सफेद-सफेद रेखाएं सी दिखाई देंगी। यदि रेखाएं न दिखें तो समझ लें कि जो मूंगा आपको दिया जा रहा है वह नकली है, अशुद्ध है।

3.  मूंगा कहीं से सुला, कटा हुआ हो तो उसे भी नहीं लेना चाहिये यह भी ध्यान रखें कि उसमें कोई काला दाग धब्बा आदि न हो। सही मूंगा सूर्ख़ लाल या सिंदूरी रंग का होता है।

फायदे मूंगा रत्न के

मूंगा रत्न उसी मनुष्य को धारण करना चाहिए जो मंगल के दुष्ट प्रभावों से ग्रस्त है यह मूंगा रत्न जातक को मांगलिक दोष से निजात दिलाने में कारगर है । यह व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाता है और  सोच में सकारात्मक ऊर्जा लाता है । मीर्गी, पीलिया व रक्त संबंधी समस्याओं में भी मूंगी कमी लाता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि मूंगा रत्न धारण करने से जातक को भूत-प्रेत आदि बाधाओं का भय भी नहीं रहता।

आपकी कुंडली के अनुसार आपके लिये मूंगा धारण करना लाभदायक रहेगा या इससे कोई नुक्सान होगा यह जानने के लिये आप एस्ट्रोयोगी पर देश भर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top