शुक्राणु

स्वाभाविक रूप से बढ़ाएं शुक्राणु की संख्या

शुक्राणु जिसे अंग्रेजी में स्पर्म भी कहा जाता है । स्पर्म जो कि एक यूनानी शब्द है जिसका अर्थ बीज होता है । जिसका अर्थ पुरुष की प्रजनन कोशिकाओं से है। शुक्राणु की गिनती कई गुणों में से एक है जिनका आकलन नियमित वीर्य विश्लेषण के दौरान किया जाता है और इसे प्रजनन क्षमता का एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो एक स्वस्थ शुक्राणु की संख्या 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर (एमएल) या कम से कम 39 मिलियन प्रति नमूना है। शुक्राणुओं की संख्या 10 मिलियन प्रति मिलीलीटर से कम होना असामान्य माना जाता है और आमतौर पर पुरुष बांझपन से जुड़ा होता है । 2017 में शुक्राणु की गिरती संख्या पर एक अध्ययन किया गया, जिसमें यह जिक्र किया गया कि 1973 और 2011 के बीच उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में औसत शुक्राणुओं की संख्या 59.3 प्रतिशत कम हो गई । परन्तु इसके इतने कम होने की वजह अभी भी अज्ञात है । इसको बढ़ाने के लिए पुरुष तरह तरह के ओषधि इस्तेमाल में लाते हैं । चाहे वह हर्बल दवाई हो या पौराणिक दवाएँ हो । शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि इनमें से अधिकांश उपाय किसी न किसी तरह से शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करते हैं।

स्वाभाविक रूप से बढ़ाएं शुक्राणु को

निम्नलिखित में कुछ ऐसे उपाय जिसकी मदद से व्यक्ति अपनी शुक्राणु की संख्या बढ़ा सकती वह स्वाभाविक रूप से । यह सब प्रकृतिक तरीके हैं ।

  • व्यायाम और नींद:- व्यक्ति की अच्छी सेहत के लिए व्यायाम और अच्छी गहरी नींद आवश्यक है । यह पाया गया है कि  मोटे और अधिक वजन वाले व्यक्तियों में वजन घटाने और व्यायाम करने से शुक्राणुओं की संख्या में सुधार या वृद्धि हो सकती है। हालांकि, एक स्वस्थ बॉडी मास इंडेक्स ( बीएमआई ) को एक स्वस्थ शुक्राणुओं की संख्या से जोड़ने वाला विज्ञान अभी भी कमजोर है। 2017 में किये गए अध्ययन में पाया गया कि 16 सप्ताह के एरोबिक व्यायाम कार्यक्रम को कम से कम 50 मिनट के मध्यम व्यायाम को 50 से 65 प्रतिशत चरम हृदय गति पर 3 बार साप्ताहिक रूप से करना, शुक्राणु की मात्रा में वृद्धि और 45 गतिहीन, मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में एकाग्रता मिलती है ।
  • तनाव कम करें:- किसी भी तरह का तनाव शरीर के लिए हानिकारक होता है । तनाव शरीर को जकड़ता रहता है । तनाव ज्यादा होने से व्यक्ति का ध्यान केवल जिंदगी में बचने के ऊपर जाता है न कि उसे जैविक तरीके से जीने की ।
  • धूम्रपान से बचें:- एक अध्ययन में यह साफ साफ पाया गया है कि ज्यादा धूम्रपान करने के कारण व्यक्ति में शुक्राणु की कमी पाए गई है ।
  • अत्यधिक शराब एवं दवा के सेवन से बचें:- हालांकि कई लोगो का यह मानना है कि शुक्राणु की सेहत यानी शराब एवं दवा के सेवन से शुक्राणुओं को बढ़ाया जा सकता है परन्तु कई अध्ययन में यह। ही पाया गया है कि इसकी अधिक मात्रा के सेवन से स्पर्म काउंट में कमी देखी गई है ।
  • कैल्शियम और विटामिन डी का पर्याप्त सेवन करें:- शोधकर्ताओं ने इसका कारण तो नहीं बता पाए परन्तु उनके मुताबिक विटामिन डी और कैल्शियम सीरम शुक्राणु स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम आहार विटामिन डी का सेवन कम शुक्राणुओं की संख्या के साथ मेल खाता है।
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