कैंची धाम

कैंची धाम – बिगड़ी तकदीर बनाने वाला हनुमान मंदिर

उत्तराखंड भारत का एक ऐसा पर्वतों से और हरियाली से भरा राज्य है जहाँ देश विदेश के पर्यटक दूर दूर से आते हैं । यहाँ यूँ तो उत्तराखंड में कई प्राचीन मंदिर है उन्ही में से एक नीम करौली बाबा के नाम से विश्व विख्यात कैंची धाम, नैनीताल स्थित एक हनुमान मंदिर भी है । जिसे आज किस्मत बनाने वाले करोली बाबा के नाम से जानते हैं । इनकी भक्तों की लिस्ट काफी अधिक है । अगर आप भी इनके भक्त हैं तो आपको जानकर हैरानी होगी । एप्पल कंपनी को इजात करने वाले स्टीव जॉब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी इनके प्रशंसा करने में देरी नही करते। ऐसा माना गया है कि बाबा से जो मांगो वह अवश्य पूर्ण होता है । मार्क जुकरबर्ग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी जब उनसे 27 सितंबर को मुलाकात में कहा कि “जब मैं यह तय नहीं कर पा रहा था कि मैं फेसबुक को बेचूँ या नहीं तब एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने मुझसे नीम करौली बाबा का जिक्र किया । जिससे उन्हें एक महीना भारत रहे और अपनी कम्पनी का नया मिशन इजात किया ।

मंदिर के कुछ ट्रस्टी द्वारा यह बात सुनिष्चित की गई है कि नीम करौली वाले बाबा के दर्शन करने मार्क जुकरबर्ग भारत आए थे, यूँ तो उनका केवल एक दिन का निकास था परन्तु मेघ के बरसने कारण यह दो दिन तक चला। वैसे ही एक नरेंद्र मोदी जी से वार्तालाप के दौरान टिम कुक जो कि एप्पल के वर्तमान सीईओ हैं ने पुष्टि की स्टीव जॉब्स 1974 में आध्यात्मिक खोज के लिए निकले थे जो उनकी भारत आकर पूरी हुई, हालांकि बाबा तब तक सवर्ग सिधार गए थे । इन महान हस्तियों के अलावा नीम करौली बाबा के भक्तों में जूलिया रॉबर्ट्स, डॉक्टर रिचर्ड एल्पेर्ट जो ड्रग एलएसडी के प्रभाव पर रिसर्च करते हैं और मशहूर लेखक डेनियल भी मौजूद हैं ।

करोली वाले बाबा के  मंदिर के सबंध में रोचक कथाएं

नीम करौली बाबा की महिमा अपरम्पार है तभी यहां भक्तो की भीड उमड़ी रहती है। कहा जाता है, वह साल 1962 था जब बाबा ने यहाँ कदम रखे तभी से उन्होंने अपना चमत्कारी रूप दिखाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। पौराणिक उपलब्ध कथा अनुसार वह दिन 15 जून था जब एक भंडारे के आयोजन में घी कम पड़ गया था , तभी बाबा ने घी की जगह पानी से भरी नदी में से पानी लाने को कहा। जैसे ही पानी प्रसाद में गया वह चमत्कारिक ढंग से घी में बदल गया। सब भक्त यह देखके भौचक्के रह गए और उनके सामने नतमस्तक हो गए। उनका आश्रम आधुनिक जमाने का है जहाँ मुख्य तौर पर हनुमान जी की पूजा होती है। बड़े हेयरपिन मोड़ के कारण इस जगह का नाम कैंची रखा गया।

लक्ष्मी नारायण शर्मा उर्फ नीम करौली बाबा

नीम करौली बाबा यानी लक्ष्मी नारायण शर्मा का जन्म 1964 में गांव अकबरपुर में हुआ जो आगरा के पास फिरोजाबाद का एक गांव है, वहाँ से बाबा कैंची धाम आए यहाँ उन्होंने कठोर परिश्रम किया जिसके कारण उन्हें लक्ष्मी नारायण से नीम करौली बाबा के नाम की उपाधि मिली।

15 जून हर साल कैंची धाम में प्रतिष्ठा दिवस के नाम से धूम धाम से मनाया जाता है क्योंकि यह मान्यता है इसी दिन 1964 में मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना हुई थी। इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के अलावा राम जी और उनकी देवी रूप अर्धांगिनी सीता माँ और देवी दुर्गा के छोटे छोटे मंदिर भी उपलब्ध है। किंतु यह मंदिर और यह जगह हनुमान जी एवं नीम करौली बाबा के चमत्कार के लिए विश्व विख्यात है।

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